ईरान की सशस्त्र सेना प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद बाक़िरी ने बल देकर कहा है कि ईरान की प्रतिरक्षा शक्ति को चुनौती नहीं दी जा सकती।
इसी प्रकार उन्होंने क्षेत्र के हालिया परिवर्तनों की ओर संकेत करते हुए कहा कि अगर दुश्मन ने हमारे हितों पर लोभ की दृष्टि लगा रखी हो या थोड़ा सा भी अतिक्रमण करता है तो इस्लामी गणतंत्र ईरान उचित समय में उसका उचित उत्तर देगा।
उन्होंने कहा कि हालिय दिनों में जो घटनाएं घटी हैं और अभी तक उनका जवाब नहीं दिया गया है तो इसका मतलब चुप्पी साधना या इस अतिक्रमण को स्वीकार कर लेना नहीं है और नियत समय में दुश्मन को आवश्यक जवाब दिया जायेगा।
उन्होंने ईरानी तेल टैंकर को रोके जाने को अंतरराष्ट्रीय कानूनों के विरुद्ध बताया और कहा कि ईरान ने सदैव समुद्री डकैती से दृढ़ता से डटकर मुकाबला किया है और निश्चित रूप से ब्रिटेन की समुद्री डकैती निरुत्तर नहीं रहेगी।
आज ईरान प्रतिरक्षा की दृष्टि से हर प्रकार के ज़रूरी सैन्य हथियारों व संसाधनों से लैस है। यही नहीं ज़रूरत पड़ने की स्थिति में ईरान के पास आक्रामक शक्ति भी है। ब्रूकिन्गस संस्था की प्रकाशित रिपोर्ट के आधार पर ईरान के पास 15 प्रकार के बैलेस्टिक मिसाइल मौजूद हैं जिनकी मारक क्षमता 200 से 600 किलोमीटर तक है।
स्ट्रैटेजिक मामलों के विशेषज्ञ डॉक्टर अब्दुर्रसूल दिवसालार ईरान की प्रतिरोधक क्षमता के बारे में कहते हैं" इस बात के बहुत अधिक साक्ष्य मौजूद हैं जो इस बात के सूचक हैं कि पेंटागॉन का मानना है कि अभी ईरान से युद्ध करने का उचित समय नहीं है क्योंकि अभी युद्ध बहुत खर्चीला होगा और बहुत स्ट्रैटेजिक क्षति भी पहुंचेगी और उससे राजनीतिक हितों की आपूर्ति नहीं हो सकती।
ईरान की ड्रोन क्षमता अमेरिकी नौसेना के सामने एक बड़ी चुनौती है और ईरान की ड्रोन और मिसाइल क्षमता के दृष्टिगत अमेरिका ईरान पर हमले का दुस्साहस नहीं कर पा रहा है। इसी तरह ईरान की पनडुब्बियां भी अमेरिकी नौसेना के लिए बड़ी चुनौती हैं। ये पनडुब्बियां तारपीडो, और क्रूज़ मिसाइलों सहित विभिन्न प्रकार के हथियारों से लैस हैं।
वास्तव में ईरान की सैन्य क्षमता व संसाधनों ने दुश्मनों के समीकरण को प्रभावित कर रखा है और अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले की स्थिति में उसे अकल्पनीय क्षति का सामना होगा और यह वह चीज़ है जिसकी वजह से अमेरिका ईरान पर हमले का दुस्साहस नहीं जुटा पा रहा है क्योंकि वह ईरान पर हमले के अंजाम से चिंतित है।
ईरान की सशस्त्र सेना के एक कमांडर ब्रिगेडियर जनरल सैयद अब्दुर्रहीम मूसवी ने बारमबार बल देकर कहा है कि ईरान किसी भी देश से न तो युद्ध चाहता है और न ही युद्ध आरंभ करेगा परंतु अपनी रक्षा करना बहुत अच्छी तरह जानता है।